पेट मोटा होने का क्या कारण है?HealthPlanet

Posted on Thu 15th Dec 2022 : 11:47

पेट की चर्बी बढ़ना या बेली फैट न सिर्फ आपके लुक को बिगाड़ देती है, साथ ही सेहत के लिहाज से भी इसे काफी समस्या कारक माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि जीवनशैली और आहार संबंधी गड़बड़ी इसका प्रमुख कारण हो सकता है। पेट, आंतों और लिवर जैसे अंगों पर अत्यधिक वसा जमना स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। इससे मेटाबॉलिज्म संबंधी विकार, हृदय रोग, मधुमेह और कई अन्य क्रोनिक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मोटापे को समय रहते कंट्रोल कर लेना बहुत आवश्यक है।

हमारे दैनिक जीवन के कई कारक मोटापा और पेट की चर्बी को बढ़ा सकते हैं। समय रहते इनकी पहचान और रोकथाम के उपायों को प्रयोग में लाना बहुत आवश्यक माना जाता है। दुर्भाग्य से, मोटापे का संकट पिछले एक दशक में दुनियाभर में काफी तेजी से बढ़ा है। इस बीच, यह समझना बेहद जरूरी है कि कुछ लोगों में दूसरों की तुलना में पेट की चर्बी क्यों बढ़ जाती है? आइए इसके कारणों को जानते हैं।

शारीरिक निष्क्रियता ने बढ़ा दिया है खतरा
पेट की चर्बी या मोटापा बढ़ाने वाले कारकों में शारीरिक निष्क्रियता को शीर्ष पर माना जाता है। गतिहीन जीवन शैली, जिसमें लंबे समय तक बैठे रहना, अस्वास्थ्यकर भोजन और व्यायाम की कमी लोगों में मोटापे के जोखिम को बढ़ाती जा रही है। अध्ययनों के अनुसार, प्रति सप्ताह केवल 150 मिनट का व्यायाम वजन घटाने में काफी मददगार हो सकती है। जामा साइकियाट्री जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला है कि आंत में फैट जमा होने के कारण न सिर्फ मोटापा बढ़ता है साथ ही इसे तनाव और चिंता का भी कारण माना जाता है। 

नींद की कमी
वजन को नियंत्रित रखने के लिए रात में पर्याप्त नींद लेना बहुत आवश्यक माना जाता है। नींद की कमी के कारण आंतों में चर्बी बढ़ने लगती है। अध्ययनों से पता चलता है कि रोज रात में नींद न पूरी कर पाने वाले लोगों में इंसुलिन प्रतिरोध, चिड़चिड़ापन और मोटापे का खतरा अधिक होता है। पेट की चर्बी और अन्य क्रोनिक बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए कम से कम सात घंटे की नींद लेना जरूरी है।

धूम्रपान की आदत है काफी नुकसानदेय
धूम्रपान न केवल श्वसन रोगों और फेफड़ों के कैंसर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा देता है, साथ ही इसके कारण इंसुलिन प्रतिरोध भी बढ़ जाता है। यह स्थिति फैट बढ़ने का कारण बन सकती है। अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक पेपर के अनुसार धूम्रपान, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और मधुमेह के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। इस आदत से तुरंत दूरी बना लेनी चाहिए। 

तनाव लेने की आदत
अधिक तनाव लेने की आदत सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य ही नहीं, शारीरिक फिटनेस को भी प्रभावित कर सकती है। जामा साइकियाट्री जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला है कि जो लोग अधिक चिंता और तनाव की समस्या से परेशान रहते हैं, उनमें मोटापा बढ़ने का जोखिम भी अधिक होता है। मोटापा कई तरह की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा देता है। तनाव को प्रतिबंधित करने के उपाय शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं।

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